
शहर में नियम-कानून की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। भूमाफिया बिना रोक-टोक के अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं और प्रशासन की सारी कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सिमट गई है। वार्ड क्रमांक 13 यानी मंगला अब अवैध प्लॉटिंग का नया गढ़ बन चुका है।नगर निगम क्षेत्र में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति और रेरा रजिस्ट्रेशन के बिना खेतों की अवैध रूप से टुकड़ों में बिक्री की जा रही है। कलेक्टर के निर्देश और निगम की चेतावनी के बावजूद यह गैरकानूनी कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। कई बार की गई कार्रवाइयों के बावजूद परिणाम शून्य रहे हैं।मंगला वार्ड की स्थिति सबसे चिंताजनक बताई जा रही है। धुरीपारा से लेकर पाठबाबा घाट तक खेतों में प्लॉटिंग का काम तेजी से चल रहा है। खेती की जमीनों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बाँटकर कॉलोनियां बसाई जा रही हैं, जिससे शहर का मास्टर प्लान बेमानी होता जा रहा है। यह अव्यवस्थित विस्तार भविष्य में बिलासपुर के लिए बड़ी समस्या बन सकता है।अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन सख्त कदम उठाएगा या फिर अवैध प्लॉटिंग का यह सिलसिला शहर के भूगोल को पूरी तरह बदल देगा। फिलहाल, हालात नियंत्रण से बाहर होते नज़र आ रहे हैं।


