
बिलासपुर शहर की बिजली व्यवस्था अब अपनी क्षमता से कहीं ज़्यादा दबाव झेल रही है। लगातार बढ़ती खपत और पुराने सब स्टेशनों के ओवरलोड होने से बार-बार ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। इसी को देखते हुए अब मंगला क्षेत्र में 132 केवीए का नया सब स्टेशन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।बिलासपुर में इस समय करीब 1 लाख 25 हज़ार बिजली उपभोक्ता हैं,जिनमें घरेलू,व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं।फिलहाल शहर की बिजली सप्लाई तिफरा, सिलपहरी,मोपका,छतौनी और बिरकोना सब स्टेशनों से की जाती है। इन सब स्टेशनों से 11 केवीए के 102 फीडर और 3500 ट्रांसफॉर्मर के ज़रिए उपभोक्ताओं तक बिजली पहुँचाई जा रही है।बिजली की वार्षिक खपत में 10 प्रतिशत की वृद्धि होने के कारण मौजूदा ढांचा ओवरलोड हो गया है। खास तौर पर नेहरू नगर, शनिचरी और बृहस्पति बाजार जैसे क्षेत्रों में बार-बार ट्रिपिंग की समस्या देखने को मिल रही है। अधिकारियों के अनुसार ओवरलोड कम करने के लिए मंगला क्षेत्र में नया सब स्टेशन जरूरी है।साल 2022 में पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने इस भूमि का निरीक्षण किया था, लेकिन अब तक जमीन का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। कार्यपालन यंत्री बी.बी. नेताम ने बताया कि तिफरा और बिरकोना सब स्टेशन अपनी क्षमता की सीमा पर हैं, इसलिए 132 केवीए सब स्टेशन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।अब नज़र इस बात पर है कि जिला प्रशासन कब तक जमीन उपलब्ध कराता है, ताकि शहर की बिजली व्यवस्था को राहत मिले और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली सप्लाई मिल सके।


