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महमंद पंचायत में नागेंद्र राय की दबंगई से भड़के ग्रामीण सैकड़ों ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर घंटों किया प्रदर्शन, पुलिस-प्रशासन पर दबाव

महमंद ग्राम पंचायत में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का गुस्सा नागेंद्र राय और उनके समर्थकों की दबंगई पर फूट पड़ा। पंचायत की अवमानना, गाली-गलौज और धमकियों से नाराज ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में थाने पहुंच गए। उन्होंने नागेंद्र राय पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर जोरदार विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि नागेंद्र राय पंचायत के फैसलों का लगातार मजाक उड़ा रहे हैं और पंचायत की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। 11 जून को पंचायत ने एक घर की सीढ़ी हटाने का निर्णय लिया था, लेकिन अगले ही दिन नागेंद्र राय ने पंचायत की बातों को अनदेखा करते हुए जबरन सीढ़ी तुड़वा दी और पंचायत सदस्यों को गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी तक दे डाली।आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर लिया और करीब 1 घंटे तक थाने में डटे रहे। इस दौरान थाने में जबरदस्त गहमागहमी का माहौल बन गया और सामान्य कामकाज भी प्रभावित होता रहा।

ग्रामीणों का साफ कहना था कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।ग्रामीणों ने थाने में सौंपे आवेदन के साथ घटना से जुड़े ऑडियो और वीडियो सबूत भी प्रस्तुत किए। उन्होंने आरोप लगाया कि नागेंद्र राय का पंचायत में हस्तक्षेप और गुंडागर्दी अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। इससे गांव की शांति व्यवस्था खतरे में है और विकास कार्य भी लगातार बाधित हो रहे हैं।पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि पहले भी नागेंद्र राय की शिकायतें की गईं, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे उनका हौसला बढ़ता गया और अब वे पंचायत के हर निर्णय को चुनौती देने लगे हैं। इस स्थिति से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एसपी और आईजी से मिलकर जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि अब गांव की शांति, विकास और पंचायत की गरिमा की रक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी और किसी भी कीमत पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और गांव की शांति व्यवस्था बहाल की जाए। उनका कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है।

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