मां बगलामुखी जयंती पर सरकंडा स्थित पीतांबरा पीठ में पांच दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन रात्रि कालीन पीतांबरा हवनात्मक महायज्ञ किया गया। वहीं इसके तीसरे दिन अभिजीत मुहूर्त पर सवा लाख बातीयो से महाआरती की गई। वहीं इस आयोजन का समापन 19 मई को पूर्ण आहुति के साथ होगा। इस अवसर पर पीतांबर आचार्य पीठाधीश डॉक्टर दिनेश ने कहा कि देवी को माया माया कहकर निंदा करने और कोसने से नहीं मां मां कहने से लोक और परलोक मे समृद्धि, सुख और मोक्ष की प्राप्ति होती है पीठाधीश ने कहा कि अज्ञानियों के पास जो संसार है,वह भी मां का दिया हुआ है। परंतु संसार उसको भी अनुकूल मानता है जो धर्मात्मा और मां का भक्त होता है। अपने निर्धन और प्रतिकूल संसार को साधने और अनुकूल करने के लिए कलयुग में चंडी मां और विनायक भगवान अधिकृत है।




