राज्य में ”एक पेड़ मां के नाम” महावृक्षारोपण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। इस मुहिम के तहत पूरे प्रदेश में 6 लाख पौधे लगाये जाएंगे। जिले में भी इस अभियान के तहत 30 हजार पौधे लगाए गए। ‘एक पेड़ मां के नाम” महावृक्षारोपण अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक-से-अधिक पौधा रोपित कर राज्य को हरा-भरा बनाकर पर्यावरण संतुलन बनाये रखना है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान की शुरुआत गुरुवार से हुई। इस अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में वन विभाग द्वारा वन और वनेत्तर क्षेत्रों में 03 करोड़ 85 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। इस अभियान के पहले दिन पूरे राज्य में 6 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। जिले में भी वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग बिलासपुर वन मण्डल के द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के एक निजी स्कूलों में वन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला मौजूद रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने की। वही विशिष्ट अतिथि निगम आयुक्त अमित कुमार रहे। सभी अतिथियों का डीएफओ अभिनव कुमार ने आत्मिय स्वागत किया और मोमेंटो प्रदान किया। जिसके बाद अतिथियों ने स्कूल प्रांगण में पौधरोपण किया। अतिथियों ने सभा को सम्बंधित करते हुए कहा कि मोदी जी की सोच हमेशा दूर्दृष्टिता पर अधारित होती है, इस बार उन्होंने पृथ्वी और जीवन पर मंडराते खतरे को भांप पर्यावरण संरक्षण, एवं भूमिगत जलस्तर को सुधारने प्रत्येक व्यक्ति को एक पेड़ अपनी मां के नाम से लगाने की भावुक अपील की है।


इस अभियान के तहत आम, जामुन, बेल, कटहल, सीताफल, अनार, शहतूत, बेर, तेन्दू, गंगा ईमली जैसे फलदार पौधे तथा लघु वनोपज एवं औषधीय प्रजाति के पौधों जैसे- हर्रा, बहेड़ा, आंवला, नीम, पुत्रन्जीवा, काला सिरस, रीठा, चित्रक आदि प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में छायादार प्रजातियां बरगद, पीपल, मौलश्री, कदम, पेल्ट्राफार्म, गुलमोहर, करंज, अशोक, अर्जुन के साथ अन्य प्रजातियों का रोपण किया जा रहा है। गौरतलब है कि एक पेड़ मां के नाम महावृक्षारोपण अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक-से-अधिक पौधे रोपित कर छत्तीसगढ़ को हरा-भरा बनाकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के अलावा स्कूली बच्चों यहां मौजूद रहे।


