
सोमवार शाम लगभग 5 बजे आजाद हिंद सुपरफास्ट ट्रेन जैसे ही बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुँची, जनरल कोच से एक अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद होने से अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पहचान नारायण लेट के रूप में हुई, जो पुणे से पश्चिम बंगाल के मालदा रामपुरहाट अपने घर लौट रहे थे। सफर के दौरान बाथरूम से लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी और वे वहीं गिर पड़े।आरपीएफ, स्टेशन मास्टर और जीआरपी पुलिस ने शव को प्लेटफॉर्म पर उतार तो लिया, लेकिन उसे तत्काल अस्पताल भिजवाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।रेलवे प्रशासन की घोर लापरवाही का आलम यह रहा कि शव करीब दो घंटे तक प्लेटफॉर्म पर नीचे पड़ा रहा।

इस दौरान तीन ट्रेनें वहां से गुजर गईं और शव को देखकर यात्री दहशत और आक्रोश में आ गए।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि यदि मृतक कोई अमीर या वीआईपी होता तो रेलवे फुर्ती दिखाता, लेकिन एक गरीब मजदूर की मौत पर प्रशासन ने उदासीनता दिखाई। यात्रियों ने इस असंवेदनशील रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए रेलवे प्रबंधन को जमकर कोसा।मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और शव को फिलहाल जिला अस्पताल के मर्च्युरी में सुरक्षित रखा गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया जाएगा।




