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रेलवे बोर्ड ने की उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवमानना,,रेल मजदूर यूनियन और ट्रेन मैनेजरों ने की जीएम से मुलाकात,,मांग पत्र के साथ ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन की चेतावनी

ट्रेन मैनेजर एवं लोको पायलट के लाईन बाक्स को रेलवे बोर्ड ने बन्द करने का तुगलकी फरमान जारी किया है।जबकि रेल कर्मियों के हित मे फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने रेलवे के अड़ियल फरमान पर स्टे दे दिया है।बावजूद इसके रेलवे बोर्ड द्वारा कोर्ट के आदेशों की अवमानना करते हुए फिर से लाईन बाक्स बन्द करने फरमान जारी कर दिया है।इससे नाराज रेल मजदूर युनियन के पदाधिकारियों ने जीएम को ज्ञापन सौप अपनी मांगों से अवगत कराया।ज्ञापन के जरिये जीएम को अवगत कराया गया कि ट्रेन मैनेजर एवं लोको पायलट के लाईन बाक्स को समाप्त करने का मामला पिछले 30 वर्षों से चल रहा है।उच्च न्यायालय इलहाबाद के आदेश के सुनवाई के दौरान रेलवे बोर्ड लाईन बाक्स संबंधित अपने आदेश में क्षेत्रीय रेलवे को अपना स्वयं का निर्णय लेने का आदेश दिया।जिसको वर्ष 2022 को उच्च न्यायालय इलहाबाद में चुनौती दी गई जिस पर रेल प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा।दोनो पक्षो को सुनने के बाद इसपर गंभीरता दिखाते हुए उच्च न्यायलय ने सितंबर 2022 को स्टे आदेश जारी कर रेलवे बोर्ड के आदेश पर रोक लगा दिया और यह पूरा मामला अब भी कोर्ट में लंबित है।बावजूद इसके रेलवे बोर्ड ने कोर्ट के आदेशों की अवमानना कर फिर से लाइन बॉक्स को बन्द करने का 19 जुलाई को तुगलकी फरमान जारी कर दिया।जोनल महामंत्री एमएन रिजवान ने कहा कि पत्र के विरद्ध उच्च न्यायालय में अवमानना केश की सुनवाई चल रही है।इस तरह जीएम से मांग की गई कि उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए रेल प्रशासन के विधि विरद्ध आदेशों को तत्काल प्रभाव से वापस की जाए नही तो रेल मजदूर युनियन आगामी दिन उग्र प्रदर्शन और आंदोलन करेगा।जोनल ट्रेजरार तापस सेन ने कहा कि माल गाड़ी के ट्रेन प्रबंधकों को बिना लाईन बाक्स के कार्य करने पर बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिसमें रेलवे के सुरक्षा के सामान एवं कुछ अन्य जरुरी सामान रखतें है।

वर्किंग प्रेसिडेंट राजेश नायक ने कहा कि वर्तमान में मान्यता प्राप्त युनियन द्वारा कर्मचारियों के हित की अनदेखी कर प्रशासन का चाटूकार बना हुआ है।जिसे मान्यता के चुनाव में रेल कर्मचारी अवश्य सबक सिखायेगें।इसको लेकर भी जीएम को अवगत कराया गया कि 13 साल से एसईसीआर ट्रेड यूनियन का चुनाव नही हुआ है।हालांकि लगातार बन रहे दबाव के बाद आगामी 4 दिसम्बर को ट्रेड यूनियन का चुनाव होना बताया गया है।इसपर रेल मजदूर यूनियन ने भी चुनावी मैदान में उतरकर कर्मचारियों की हित मे कार्य करने की योजना तैयार की है।

कोर्ट के आदेशों की अवमानना कर रेलवे बोर्ड द्वारा ट्रैन मैनेजरो के लाइन बॉक्स को हटा कर ट्राली बैग देने के आदेश के विरोध मे,,ऑल इंडिया गार्ड कौंसिल के आव्हान पर भारतीय रेलवे के सभी संयुक्त लॉबी मे इसका विरोध जताया गया।इनके समर्थन में ही यूनियन के पदाधिकारी भी रेलवे के खिलाफ मैदान पर उतर आए।जिन्होंने तीनो मण्डल के साथ जोनल और रेलवे बोर्ड के पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया।इस दौरान जोन के महामंत्री एम.एन. रिजवान, जोनल ट्रेजरार तापस सेन, वर्किंग प्रेसिडेन्ट राजेश नायक, आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी अली इमरान,मंडल उपाध्यक्ष आर.के. राज, संजय साहू, पी.के. वाहने,अनिरुद्ध तेम्बुलकर, आर. रमेश, राजकुमार सोनकर एवं जगदीश बंजारे सहित भारी संख्या में यूनियन और ट्रेन मैनेजर उपस्थित रहे।

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