
छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रेलवे ने ऐतिहासिक पहल की। 25वें राज्योत्सव पर शनिवार, 1 नवंबर को भारतीय रेलवे ने प्रदेश के सभी रेलवे स्टेशनों पर दिनभर छत्तीसगढ़ राज्य गीत का प्रसारण किया। यह पहली बार था जब राज्य गठन के 25 वर्षों में किसी भी रेल स्टेशन पर आधिकारिक रूप से छत्तीसगढ़ी राजगीत गूंजा। इसके साथ ही स्टेशनों पर घोषणाएं भी पूरी तरह छत्तीसगढ़ी भाषा में की गईं।छठ पूजा के दौरान रेलवे स्टेशनों पर भोजपुरी गीत बजाए जाने के बाद प्रदेश में लगातार मांग उठ रही थी कि राज्योत्सव पर छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को समान सम्मान मिले। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने आदेश जारी किया और नतीजा यह रहा कि शनिवार को सुबह से लेकर देर रात तक हर स्टेशन पर छत्तीसगढ़ी घोषणाओं के साथ राज्य गीत प्रसारित हुआ।इस पहल से जहां स्टेशन में मौजूद यात्रियों ने गर्व का अनुभव किया, वहीं प्रदेश की सांस्कृतिक संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों ने भी रेलवे के इस निर्णय का स्वागत किया। रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और संस्कृति से जुड़े लोगों की पहल का परिणाम रहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय लागू हुआ।रेलवे के इस कदम को छत्तीसगढ़ी भाषा-संस्कृति को सम्मान मिलने और स्थानीय पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यात्रियों ने भी इसे प्रदेश की गरिमा बढ़ाने वाला फैसला बताया और आगे भी ऐसी व्यवस्थाएं बनाए रखने की उम्मीद जताई।


