रेलवे स्टेशन के आसपास नो पार्किंग में चार पहिया और दो पहिया वाहन खड़े करने वाले मालिकों के वाहनों पर कार्यवाही शुरू हो गयी है। जबकि इसके पूर्व सप्ताह भर तक रेल प्रशासन की ओर से नो पार्किंग में वाहन नहीं खड़ी करने को लेकर जागरूक भी किया गया था जिसका असर वाहन मालिकों पर नहीं हुआ, जिसके चलते रेलवे को कार्यवाही शुरू करनी पड़ी।

रेलवे स्टेशन के सामने नो पार्किंग पर मौजूद वाहनों पर आखिर कार रेलवे ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है।बुधवार से शुरू हुई कार्यवाही के दौरान पहले दिन रेलवे की सिविल डिफेंस की टीम ने 2 कार और 6 बाइक पर कार्यवाही कर 22 सौ रुपये का वाहन मालिकों पर जुर्माना किया। इसी तरह यह अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन भी रेलवे की सिविल डिफेंस टीम ने चार पहिया वाहन और दो पहिया वाहनों के खिलाफ कार्यवाही किया। जी न्यूज की टीम से बातचीत में रेलवे के सीनियर डीसीएम अनुराग सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार के लिए रेलवे का यह कदम है। इस मुहिम के जरिये रेलवे स्टेशन के आसपास इलाके को व्यवस्थित किया जायेगा।वैसे भी नो पार्किंग में वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ रेलवे ने सीधे कार्यवाही शुरू नही की है उन्हें एक सप्ताह का मोहलत दिया गया।लगातार सिविल डिफेंस के द्वारा उन्हें जागरूक किया गया।इसके बाद ही कार्यवाही शुरू की गई।रेलवे के द्वारा किये जा रहे कार्यवाही के दौरान जब्त वाहनों को रेलवे के टीआरडी पार्किंग के पास रखा जाएगा।वहीं से जुर्माना कर वाहन मालिकों को पुनः वाहन लौटाए जाएंगे।



बहरहाल बात शहर की हो या फिर रेल परिक्षेत्र की, लापरवाह, गैर जिम्मेदार वाहन चालकों को जहां भी थोड़ा जगह खाली नजर आता है वहां वे अपने वाहन खड़ी कर देते हैं। यह भी नहीं सोचते कि इसके चलते आने जाने वाले, राह चलते लोग प्रभावित होंगे। शायद यही वजह है कि रेलवे ने ऐसे जिद्दी वाहन मालिकों के खिलाफ यह अभियान शुरू किया है। इस मुहिम से ना केवल रेल परिक्षेत्र व्यवस्थित रहेगा बल्कि नो पार्किंग में खड़ी वाहनों पर कार्यवाही के बाद जो शुल्क वसुला जायेगा उससे रेलवे को मुनाफा भी होगा।


