
पखांजूर के हरनगढ़ स्थित आत्मानंद प्राथमिक शाला से प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल में पढ़ने वाली 5 साल की मासूम बच्ची को शिक्षक और चपरासी अंधेरे क्लासरूम में बंद कर घर चले गए। बच्ची कक्षा में ही सो गई थी, इसी दौरान स्कूल की छुट्टी होने पर चपरासी ने कमरे को बंद कर ताला लगा दिया और वहां से निकल गया।देर शाम तक जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो चिंतित परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों ने स्कूल पहुंचकर आवाज लगाई, तभी बच्ची की हल्की आवाज सुनाई दी। पिता की आवाज सुनकर बच्ची की नींद खुली और उसने रोते हुए दरवाजा खटखटाया। इसके बाद लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद मासूम को सुरक्षित बाहर निकाला गया।इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। सवाल यह उठता है कि स्कूल प्रबंधन ने बिना सभी बच्चों की उपस्थिति की पुष्टि किए स्कूल कैसे बंद कर दिया? मासूम बच्ची अगर देर तक क्लास में बंद रहती तो बड़ा हादसा हो सकता था।स्थानीय लोगों ने घटना की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस घटना ने आत्मानंद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग और प्रशासन से भी इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है।


