
लिंगियाडीह इलाके में बुधवार को निगम अमला फिर सर्वे के लिए पहुँचा। घर-घर दरवाजा खटखटाकर रहवासियों से राशन कार्ड और आधार कार्ड मांगे गए। किसी अधिकारी ने इसे मतदाता सूची की जांच, तो किसी ने पुनर्वास के लिए नापजोख बताया, जिससे इलाके में तनाव और भ्रम की स्थिति बन गई।महिलाओं ने निगम टीम के मकानों की नापजोख और नंबरिंग का विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि “जब मतदाता सूची सुधारने आए हैं, तो बार-बार तोड़फोड़ की तैयारी क्यों?” इस दौरान लेडिस और जेंट्स पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात रहा।स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि आधार या राशन कार्ड न देने पर कर्मचारियों ने उन्हें बांग्लादेशी-पाकिस्तानी कहा, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। वहीं जोन-7 के कमिश्नर प्रवीण शर्मा से संपर्क का प्रयास किया गया, पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया, जिससे निगम की मंशा पर सवाल खड़े हो गए।


