
लिंगियाडीह इलाके में सब्जी व्यापारियों और स्थानीय लोगों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। पहले तोड़फोड़ के बाद व्यापारियों को बिना किसी सुविधा के बदहाल चबूतरे और संकरी गलियों में भेज दिया गया। अब रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है। व्यापारी और खरीददार दोनों ही परेशान हैं।धुआंधार बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। चारों तरफ कीचड़, पानी भराव और गंदगी का आलम है। जर्जर चबूतरे पर बैठकर व्यापार करना किसी सजा से कम नहीं। लोग फिसलने और चोटिल होने के डर से सहमे रहते हैं, जबकि व्यापारियों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है।स्थानीय लोग और व्यापारी लगातार इस उम्मीद में बैठे हैं कि नगर निगम और जनप्रतिनिधि उनकी समस्या की ओर ध्यान देंगे। लेकिन अफसोस, न तो निगम के अफसर और न ही जनप्रतिनिधियों ने अब तक इस बदहाल स्थिति का जायजा लिया है। लोगों में नाराजगी साफ दिख रही है।अब सबकी जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर उन्होंने ऐसा कौन सा पाप कर दिया, जिसकी इतनी बड़ी सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है। लोग नगर निगम को कोसते हुए कह रहे हैं कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।




