कटघोरा वन मंडल के एतमा नगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोनकोना में बेहोश कर जिस तेंदुआ को कानन पेंडारी जू लाया गया था, लू की चपेट में आने से उस तेंदुए की मौत हो गयी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने इलाज की आवश्यकता महसूस की। इस पर ट्रैंक्यूलाइज गन से रेस्क्यू कर देर रात कानन पेंडारी लाया गया था। मृत तेंदुआ का जू में पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कर हुआ। मृत तेंदुआ नर था और उसकी उम्र तीन साल के लगभग थी। कानन प्रबंधन का मानना है कि बेहोशी की दवा की वजह से कोई दिक्कत नहीं हुई है।



यदि निश्चतेन की दवा देने की आवश्यकता नहीं रहती तो इसे नहीं दिया जाता। वह लू की चपेट में आ गया था। नौ दिन के अंदर कटघोरा वन मंडल में दूसरे तेंदुए की मौत हो गई है। इससे पहले चैतमा वन परिक्षेत्र के राहा जंगल में तेंदुआ को जहर देकर मार दिया गया था। मामले में तीन आरोपितों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार तो कर लिया है। लेकिन मृत तेंदुआ के शरीर से पंजा, दांत और पीठ का छाल गायब मिला। वन विभाग की ओर से इनाम की घोषणा किए जाने के बाद भी तेंदुआ के शरीर के गायब अंगों का अब तक सुराग नहीं लग सका है।



