लोकसभा चुनाव के नामांकन की शुक्रवार को अंतिम तिथि थी, इस दौरान निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपना भाग्य आजमाया। मुंगेली से पहुंचे एक निर्दलीय प्रत्याशी ने कहा कि संविधान खतरे में है, अगर मुझे जनता सांसद के रूप में चुनती है तो मैं आर्थिक असमानता को दूर करूंगा और लोगों को हक दिलाऊंगा। शुक्रवार को भागवत पात्रे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में फॉर्म जमा किया और पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा की संविधान की रक्षा के लिए वह चुनाव लड़ रहे हैं। 40 साल से वे राजनीति में सक्रिय है उसके बावजूद भी उन्हें सक्रिय राजनीति में काम करने का मौका नहीं मिला है। यदि जनता उन्हें इस बार चुनती है तो लोगों के अधिकार को दिलाएंगे और संविधान में आर्थिक असमानता सामाजिक असमानता को दूर करने प्रयास करेंगे।





