लोकसभा चुनाव में मतदान की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है राजनीतिक दलों की सरगरिया तेज हो गई है। भाजपा प्रत्याशी तोखन साहू चुनाव प्रचार का पहला दौर समाप्त कर चुके हैं। अब वे जातीय समीकरण बिठाने की कोशिश कर रहे हैं।

12 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि बिलासपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी दोनों ही नामांकन की अंतिम तिथि 19 अप्रैल से पहले 18 अप्रैल को रैली निकालकर नामांकन दाखिल करेंगे। इससे पहले प्रत्याशी अलग-अलग वर्गों के बीच जाकर अपने लिए वोट मांग रहे हैं। इसी कड़ी में भाजपा प्रत्याशी तोखन साहू ने बुधवार को धुआंधार चुनाव प्रचार किया। इसी कड़ी में वे मंगलवार दोपहर को लखीराम अग्रवाल सभा भवन में यादव समाज के प्रतिनिधियों से मिले।

बिलासपुर में यादव समाज के साथ भाजपा की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जब भाजपा ने साहू समाज पर भरोसा जताया तो उसकी काट के रूप में पिछड़ा वर्ग से कांग्रेस ने देवेंद्र यादव को मैदान में उतारकर यादव वोट के ध्रुवीकरण का प्रयास किया। हालांकि भाजपा का यह मानना है कि यादव समाज हमेशा से ही भाजपा के साथ रहा है और आज भी यादव समाज के नेताओं ने यह भरोसा दिलाया कि इस बार भी बिलासपुर लोकसभा का यादव समाज भाजपा के साथ ही खड़ा है।

इस सम्मेलन में बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल भी मौजूद थे, जिनका मानना है कि यादव समाज का समर्थन हमेशा से भाजपा को मिलता रहा है। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जब कांग्रेस के रामशरण यादव महापौर के उम्मीदवार थे तो यादव समाज ने भाजपा के किशोर राय को समर्थन दिया था और एक बड़े अंतर से किशोर राय जीते थे। यह उदाहरण दर्शाता हैं कि बिलासपुर का यादव समाज मोदी जी पर भरोसा करता है।

बुधवार को भाजपा प्रत्याशी तोखन साहू ने अगरिया पटेल समाज , यादव समाज, रजक समाज, सिंधी समाज, सर्व अनुसूचित जाति समाज, पंजाबी समाज, चिकित्सा प्रकोष्ठ के साथ भी बैठक कर भाजपा के लिए समर्थन मांगा।



