कांग्रेस की लोकसभा चुनाव में प्रदेश में करारी हार हुई है। इसलिए राष्ट्रीय नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हार की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। छत्तीसगढ़ के लिए बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता में शनिवार को छत्तीसघर भवन में हार की समीक्षा हुई। नतीजे के बाद से नेता एक दूसरे को हार का जिम्मेदार बता रहे हैं। जिन्होंने अपनी बात पार्टी फोरम में रखने की बात कही हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्किार्जन खड़गे ने लोकसभा चुनाव में हार के कारणों को जानने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। छत्तीसगढ़ आने वाली उक्त कमेटी का अध्यक्ष पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली को बनाया गया है, जो शनिवार को बिलासपुर पहुंचे। इसके बाद सुबह 11 बजे से छत्तीसगढ़ भवन में 5 लोकसभा सीटों की बारी-बारी से बंद कमरे में समीक्षा की गई। जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष ने बताया कि पांच लोकसभा क्षेत्र के सभी कार्यकर्ताओं सहित पदाधिकारीयो से हार के कारणों की पड़ताल की जा रही हैं।

फोरम में लोकसभा के प्रत्याशी के अलावा विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद, जिला अध्यक्ष, शहर अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं सदस्य, नगरीय निकाय के अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्षों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक के पहले ही कांग्रेस के नेता रिकार्ड जुटाने में लग गए थे। उनके द्वारा पार्टी के विरोधी नेताओं की पोल खोलने की तैयारी आंकड़ों के साथ की गई है। ताकि कमेटी के साथ उसको उजागर कर सके। कांग्रेस के नेता चुनाव के समय ही एक दूसरे पर निष्क्रिय होने का आरोप लगाते रहे हैं। जो पार्टी फोरम में खुलकर सामने आ रही है। इस समीक्षा में सभी नेताओं की बात की गई। इसके बाद हार के कारणों की तह तक पहुंचने का प्रयास किया गया है। ताकि अगली बार उसको सुधार कर पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरा जा सके। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी हार के कारणों की रिपोर्ट बनाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौपेंगे। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होने की बात कही है।





