
मस्तूरी जनपद की ग्राम पंचायत विद्याडीह टांगर में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान में लापरवाही और अनियमितता के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्राम पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुकान संचालित करने वाला गोल्डन वे महिला स्व सहायता समूह न तो नियमित रूप से राशन वितरण करता है और न ही सही वजन में खाद्यान्न देता है।ग्रामसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दुकान को हटाने की अनुशंसा की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह दुकान महीने में सिर्फ 3 से 4 दिन ही खोली जाती है, जिससे हितग्राही परेशान हैं। वहीं, राशन वितरण के दौरान दुर्व्यवहार और धमकी देने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

यह प्रस्ताव ग्राम पंचायत ने कलेक्टर बिलासपुर को जनदर्शन कार्यक्रम में प्रस्तुत किया था, जिस पर अब अनुविभागीय अधिकारी मस्तूरी ने जांच के आदेश जारी किए हैं।ग्राम पंचायत के उपसरपंच और महामंत्री सहित कई पदाधिकारी खाद्य विभाग कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों को पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। खाद्य अधिकारी अमृत कुजूर ने कहा है कि तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है और जल्द ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहीं, विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं कि लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक संबंधित समूह पर कोई प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया गया। लोगों ने मांग की है कि दोषी समूह को हटाकर नई एजेंसी को राशन वितरण की जिम्मेदारी सौंपी जाए ताकि हितग्राहियों को समय पर और सही मात्रा में अनाज मिल सके।


