थाना सिविल लाइन अंतर्गत विद्युत पोल पर चढ़कर काम कर रहे लाइन मैन को करंट का झटका लगते ही वह नीचे गिर गया। इस दौरान घटनास्थल पर मौजूद अन्य अधिकारी और कर्मचारियों ने लाइनमैन को इलाज के लिए सिम्स लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद मृतक के परिवार वालों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें मौत का जिम्मेदार भी बताया। शनिवार की सुबह उसलापुर ओवर ब्रिज से पहले मिनोचा कॉलोनी मार्ग में बिजली विभाग की ओर से मेंटेनेंस का काम किया जा रहा था। इस दौरान बिजली विभाग का एक लाइनमैन भी विद्युत खंभे पर चढ़कर अपना काम कर रहा था। इस बीच अचानक उसे करंट का झटका लगा और वह खंभे से जमीन पर गिरकर लहूलुहान हो गया। मौके से वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारियों ने लाइनमैन को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल लाया।

जहां चिकित्सकों ने लाइनमैन को मृत घोषित कर दिया। सिम्स पहुंचे लाइनमैन मृतक गौतम के परिवार वालों ने जमकर हंगामा करते हुए बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाने के साथ ही साथ मौत का जिम्मेदार भी बिजली विभाग को ही बताया। मृतक के परिवार वालों ने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सुरक्षा और सेफ्टी के मृतक गौतम भोई से करेंट दौड़ रहे ऊंचे विद्युत पोल पर चढ़ाकर चालू लाइन पर काम कराया जा रहा था। इस दौरान लाइनमैन गौतम को जबरदस्त करंट का झटका लग गया और वह नीचे गिर पड़ा नीचे गिरने से उसके सिर में गंभीर रूप से चोट आई और लाइन मैन गौतम बेहोश हो गया।

जिसे सिम्स लाया गया तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले चाहते हैं कि जिस तरह से गौतम को बगैर दस्ताने बगैर हेलमेट के चालू लाइन पर लापरवाही पूर्वक बिजली विभाग के द्वारा काम कराया जा रहा था इस मामले में बिजली विभाग के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि गौतम भोई की पत्नी और दो बच्चे है और वह इकलौता कमाऊ शख्स था। शहर में इतनी बड़ी घटना हो गयी, बिजली विभाग के नेहरू नगर जोन में पदस्थ लाइन मैन की दर्दनाक मौत हो गयी। जिसकी खबर आग की तरह पूरे बिजली विभाग में फैल गयी। उस पर मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के गैर जिम्मेदार अधिकारी कह रहे हैं कि उन्हें घटना की जानकारी नही है।

गौरतलब है कि बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही और चुक का ही नतीजा है कि लंबे समय से बिजली विभाग में पदस्थ गौतम भोई जैसे कई लाईनमैनों की जान जा चुकी है जिस पर सुनवाई तो दूर आज तक जिम्मेदार बिजली विभाग के अफसर के विरुद्ध किसी तरह की कोई ठोस कार्रवाई तक नहीं हुई है। गौर करने वाली बात ये है कि जब बिजली विभाग अपने परमानेंट कर्मचारियों से ही बगैर किसी सुरक्षा और सेफ्टी के काम करवा कर उन्हें मौत के मुँह में धकेल सकता है तो फिर ठेकाकर्मियों का क्या हाल होता होगा।फिलहाल यह एक गम्भीर विषय है, जिस पर बारीकी से जांच पड़ताल कर दोषियों पर कार्यवाही करने की जरूरत है। फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कार्यवाही करने के बाद मामले को विवेचना में लिया है।



