विद्युत लोको शेड में मेंटेनेंस के दौरान क्रेन का रोप टूटने से इंजन जमीन पर गिर पड़ा। इस दौरान यहां कार्य कर रहे अप्रेंटिस और रेल कर्मचारी बाल बाल बच गए। सुरक्षा के अभाव में कार्य कर रहे कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग करते हुए रेल प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन कर दिया। जानकारी मिलते ही मौके पर रेलवे के अधिकारी और यूनियन के लोग पहुंच गए। आंदोलनकारियों ने मामले में जांच कराने की बात की।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विद्युत लोको शेड में मंगलवार की शाम उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया।जब यहां पर मेंटेनेंस के दौरान क्रेन का रोप टूटने के चलते रोप से बंधा 180 टन का इंजन जमीन पर धड़ाम से गिर पड़ा। इस दौरान हमेशा की तरह यहां पर दर्जन भर रेल कर्मचारी और अप्रेंटिस के ट्रेनि कर्मचारी काम कर रहे थे। इस हादसे के चलते भले ही कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन यहां काम कर रहे कर्मचारी बाल बाल बच पाए, इस वजह से यहां अफरा तफरी का माहौल भी बन गया।

शायद यही वजह रही कि दूसरे दिन कर्मचारियों ने रेल प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन करते हुए काम बंद हड़ताल कर दिया आंदोलन रत कर्मचारियों ने रेल प्रशासन के ऊपर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही यूनियन के पदाधिकारी, सदस्य और रेलवे के अफसर मौके पर पहुंचे सभी ने आंदोलन रत रेलकर्मी और ट्रेनि अप्रेंटिस के कर्मचारियों को भी समझाने का भरसक प्रयास किया। अंत तक जब कर्मचारी अपने मांग पर डटे रहे तो आरपीएफ बल ने दबाव बनाने के प्रयास से धमका चमका कर भी मामले को शांत करने कोशिश की। हालांकि तब भी बात नही बनी और सभी कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन पर डटे रहे।


यूनियन के पदाधिकारियों और आंदोलन कर रहे रेल कर्मचारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यहां इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है बल्कि इससे पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं जिसे रेलवे के अफसर दबा लेते थे लेकिन इस बार शायद बड़ी घटना घटने के चलते रेलवे की लापरवाही की खबर पूरी शहर में आग की तरह फैल गई। सभी यही चाहते हैं कि इस मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, वही इस संबंध में रेलवे के अधिकारियों ने भी कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जायगी।जांच के लिए टीम का भी गठन कर दिया गया है। जिस किसी को भी मामले में दोषी पाया जाएगा उसके ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी।


रेलवे के विद्युत लोको शेड में हुए हादसे के बाद रेल प्रशासन की जमकर फजीहत हो रही है।जिस तरह से डैमेज क्रेन का वायर टूटने यह हादसा हुआ है उससे रेलवे के रख रखाव के साथ कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे है। यही वजह रही कि इसी मांग को लेकर कार्य कर रहे कर्मचारियों ने रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। जिससे पूरा रेल प्रशासन सकते में है। प्रदर्शन के चलते लोको शेड में पूरा दिन लोको इंजनों के रख रखाव का कामकाज बन्द रहा। फिलहाल देखने वाली बात यह होगी कि क्या रेलवे वाकई इस बार जिम्मेदारों और दोषियों पर सख्त कार्यवाही करेगी या अन्य मामलों की तरह इस हादसे की फाइल को भी ठंडे बस्ते ने डाल दिया जाएगा।




