विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस के 60 साल पूरे होने पर षष्ठी पूर्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरस्वती शिशु मंदिर तिलक नगर में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता केंद्रीय मंत्री अजय पारीक सम्मिलित हुए।

हिंदू समाज को संगठित करने, हिंदू धर्म की रक्षा करने और समाज सेवा की भावना के साथ 1964 जन्माष्टमी पर विश्व हिंदू परिषद का गठन किया गया, जिसकी चार शाखाएं हैं। पुरुषों के लिए विश्व हिंदू परिषद। महिलाओं के लिए मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी और युवाओं के लिए बजरंग दल, जो लगातार अपने उद्देश्यों के लिए देश भर में काम कर रही है। स्थापना के 60 साल पूरे होने पर षष्ठी पूर्ति कार्यक्रम का आयोजन इस जन्माष्टमी पर किया गया। बिलासपुर में तिलक नगर सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियां संचालित की गई।


देशभर में प्रखंड स्तर पर यह कार्यक्रम मनाया गया। भारत के लाखों गांवों और कस्बों में विश्व हिंदू परिषद एक मजबूत, प्रभावी, स्थाई और लगातार विस्तार लेता हुआ संगठन है जो दुनिया भर में हिंदू गतिविधियों में वृद्धि के साथ एक मजबूत और आत्मविश्वासी हिंदू संगठन को आकर दे रहा है। देश में धर्मांतरण को रोकने, सामाजिक समरसता को बढ़ाने, लव जिहाद, गौ हत्या को रोकने और अशिक्षा दूर करने के उद्देश्य का यहां पुनः संकल्प लिया गया। बिलासपुर में आयोजित षष्ठी पूर्ति कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता केंद्रीय मंत्री एवं केंद्रीय सेवा विभाग के प्रमुख अजय पारीक सम्मिलित हुए। इसके अलावा आचार्य गुरुकुल तुरंगा संचालक आचार्य राकेश जी और सह प्रांत प्रचारक आरएसएस नारायण नामदेव सम्मिलित हुए। जिन्होंने विश्व हिंदू परिषद के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

1964 में जन्माष्टमी के अवसर पर ही विश्व हिंदू परिषद का गठन किया गया था। हिंदू तिथि अनुसार जन्माष्टमी पर ही विश्व हिंदू परिषद अपना स्थापना दिवस मनाता है, जिसके 60 वर्ष पूरे होने पर विविध आयोजन हुए। जिसमें सभी चारों अनुषांगिक संगठनों के सदस्य सम्मिलित हुए।

इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद की उपलब्धियो और दायित्व, सेवा समरसता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर माखन मिश्री का भोग लगाकर भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की गई। साथ ही हिंदुओं से संगठित और जागृत होने का आह्वान किया गया।



