Homeहमर बिलासपुरशंकराचार्य निश्चलानंद: धर्म, राष्ट्र और भाजपा पर बेबाक टिप्पणी

शंकराचार्य निश्चलानंद: धर्म, राष्ट्र और भाजपा पर बेबाक टिप्पणी

शंकराचार्य निश्चलानन्द सरस्वती का जिले में तीन दिवसीय दीक्षा संगोष्ठी और प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा है, अशोकनगर के अशोक वाटिका में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की और धर्म राष्ट्र से संबंधित प्रश्न पर बेबाकी से जवाब दिया,इस दौरान तिरुमला मामले में शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि वस्तुस्थिति का पता नही इसलिए कुछ कहना गलत होगा।वही उन्होंने लोकसभा चुनाव में भाजपा की हुई दुर्गति पर जवाब देते हुए कहा कि भाजपा को राम ने नुकसान पहुंचाया। वही भाजपा की महत्वाकांक्षा ने ही उसका भट्टा बैठा दिया। शंकराचार्य ने कहा कि लोग मोदी की गारंटी भूले वही भाजपा ने मर्यादा का अतिक्रमण किया। उन्होंने कहा कि कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे नुकसान हुआ।शंकराचार्य ने कहा कि मौजूदा सरकार नितिश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के सहारे चल रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकाल में उन्हें कांग्रेसी कहा जाता हैं और कांग्रेस के शासनकाल में भाजपाई ।हम किसी के पक्षधर नहीं हैं।न कोई लोभ,न कोई भय न भावुकता हम सबके लिए हैं। हिंदुओं के मुद्दे पर शंकराचार्य ने कहा कि ब्राह्मण पुराण की रक्षा करते हैं।महंगाई के मुद्दे पर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि इसके कारण पर विचार कीजिए।लागत वही लेकिन अब दलाल उत्पन्न हो गए हैं।पहले उत्पाद सीधा दुकानदार के पास पहुंचता था, अब दलालों की वजह से उत्पाद महंगे हो रहे हैं।

सारी व्यवस्था दलालों की बनाई हुई है।जबकि मंदिरों में घी जलाने के मुद्दे पर कहा कि उस घी का उपयोग करे जो शुद्ध और सुगंधित हो। तेल या घी से इस पर कोई असर नहीं पड़ता। धर्म परिवर्तन के साथ मौजूदा समय में जिस तरह से धर्म के नाम पर फूहड़ता हो रही है,उस पर भी शंकराचार्य ने तीखी टिप्पणी देते हुए कहा कि ऐसे कार्यों पर प्रतिबंध लगना चाहिए और कड़ी सजा मिलनी चाहिए, इसके अलावा उन्होंने गौ हत्या पर भी कहा कि बैलों की उपयोगिता को विलुप्त किया गया।क्योंकि कृत्रिम दुग्ध बन रहे है,इसलिए विकृति आ रही हैं।विकास के नाम पर धर्म का विलोप हो रहा है । वहीं उन्होंने युवाओं के भटकते कदम पर कहा कि घर के अच्छे संस्कार ही बच्चों को अच्छी शिक्षा देते हैं इसलिए घरों की शिक्षा बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है

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