शांतिनिकेतन निजी स्कूल लैब-लाइब्रेरी जैसे मूलभूत सुविधाओं के अभाव में संचालित कर बच्चों के भविष्य से के रहे खिलवाड़, शिक्षा विभाग भी मौन।

निजी स्कूल संचालक शिक्षा के नाम पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, शहर में छोटे-बड़े निजी शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जहां शिक्षा विभाग द्वारा जारी मापदंड का प्रयोग होता नहीं दिख रहा है। पंजाबी कॉलोनी में स्थित शांतिनिकेतन स्कूल बच्चों से मोटी फीस तो ले रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है, आप देख सकते हैं तीन कमरों में संचालित शांति निकेतन स्कूल में ना ही खेल के मैदान है ना ही लेब, लायब्रेरी नजर आ रहा है। यहां लगभग 100 से 150 छात्र अध्यनरत है लेकिन शिक्षक के नाम पर दो ही टीचर बच्चों को पढाते नजर आए, देखने से यह एक घर जैसा ही नजर आ रहा है।

आप देख सकते हैं इस छोटे से आंगन को ही संचालक मैदान बता रहा है, सड़क से लगे स्कूल में पार्किंग की कोई सुविधा नजर नहीं आती, सड़कों पर ही बच्चे अपनी साइकिल खड़ी करते तो स्टाफ अपने वाहन यहाँ वहाँ खड़े करते हैं, जिससे राहगीरों सहित मोहल्ले वासियो को भी शिकायत हैं। इससे साफ जाहिर है कि निजी स्कूल संचालक को केवल मोटी फीस से ही मतलब है बच्चों की शिक्षा और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं से कोई लेना-देना नहीं है। जब इस संबंध में स्कूल संचालक से बात करना चाहा तो उन्होंने साफ मना कर दिया, उनका कहना है कि जब अभिभावक को अपने बच्चे के पढाई की चिंता नही हैं और प्रवेश ले रहे हैं तो हम सुविधाओं में खर्च क्यों करे। चिंता की बात है कि इस पर शिक्षा विभाग भी मौन है, आखिर क्यों।

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