जेडी प्रशांत राय का मनेन्द्रगढ़ के कांग्रेसी नेता से संबंध होने के साथ कई बिंदुओं पर शिकायत।
शिकायतकर्ता के अनुसार इस पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है, ताकि सहायक संचालक को बचाया जा सके।
जेडी ऑफिस में पांच सालों से जमे सहायक संचालक प्रशांत राय के खिलाफ कांग्रेस नेता से संबंध होने के साथ कई बिन्दुओं पर शिकायत पर तीन सदस्यीय दल का गठन किया गया था। उन्होंने राय के पक्ष में रिपोर्ट दिया। जिसके आधार पर जेडी ने शिकायत को निराधार बताते हुए डीपीआई को रिपोर्ट भेजी है। इस पर अब सवाल उठने लगे हैं।

भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली मुख्य निर्वाचित पदाधिकारी राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर संचालक लोक शिक्षण संचनालय रायपुर एवं शिक्षा सचिव से शिक्षक संघ के पदाधिकारी ने पत्र लिखकर जेडी ऑफिस में पदस्थ सहायक संचालक प्रशांत राय को हटाने की मांग की थी, क्योंकि उनका नाम शिक्षक पदोन्नति घोटाला में भी सामने आया था। मामले में जेडी ने तीन सदस्य वाली जांच दल का गठन कर उनको सहायक संचालक प्रशांत राय के विरुद्ध शिकायत की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देशित किया था। जांच दल से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार शिकायत निराधार पाई गई है, संयुक्त संचालक ने शिकायतकर्ता को ही फर्जी करार दिया है।

इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग पर ही प्रश्न उठने लगे हैं।शिकायतकर्ता के अनुसार इस पूरे मामले में लीपापोती की जा रही हैं, ताकि सहायक संचालक को बचाया जा सके। आरोप के आधार पर उनका नाम शिक्षक पदोन्नति घोटाला में आया था और मनेन्द्रगढ़ के कांग्रेसी नेता से संबंध हैं। इसलिए अपना स्थानांतरण पांच बार रूकवा चुके हैं। उनके खिलाफ एक महिला शिक्षक के द्वारा थाने में एफआईआर भी दर्ज कराने की भी बात कहीं गई थी। इसके आधार पर निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार राय को हटाने की मांग की गई थी। ताकि चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में प्रचार प्रसार नहीं कर सके।


