बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे निजी स्कूलों की मनमानी जोरो पर है, शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते छोटे-छोटे नौनिहाल इन तंग कमरों में पढ़ने मजबूर हैं। पंजाबी कॉलोनी टिकरापारा के पास स्थित शांति निकेतन स्कूल में ना तो खेल परिसर है ना लाइब्रेरी और ना ही पर्याप्त शिक्षक ही है, तंग गलियों के पास स्थित स्कूल के पास अपना कोई पार्किंग भी नहीं है। गली में ही वाहन खड़े किए जाते हैं। स्कूल के नाम पर यहां कोई भी सुविधा दिखाई नहीं देती, शिक्षा विभाग की मिलीभगत का फायदा उठाते हुए निजी स्कूल संचालक को केवल मोटी फीस से ही मतलब है।गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाओं से उनका कोई लेना देना नहीं है। जब इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से पूछा गया तो उन्हें उन्होंने वही पुराना राग अलापा की जांच करेंगे। जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी।






