बिलासपुर पारिजात कॉलोनी नेहरू नगर स्थित श्री गजानन महाराज मंदिर महाराष्ट्र मंडल भवन में देवी अहिल्या बाई होलकर की 300 वी जयंती पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित की गई। देवी अहिल्याबाई होलकर का जीवन भारतीय इतिहास का एक स्वर्णिम कालखंड है।

ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले सामान्य परिवार की बालिका से एक असाधारण शासनकर्ता तक की उनकी जीवनयात्रा आज भी प्रेरणा का महान स्रोत है। वे कर्तृत्व, सादगी, धर्म के प्रति समर्पण, प्रशासनिक कुशलता, दूरदृष्टि एवं उज्ज्वल चारित्र्य का अद्वितीय आदर्श थीं।


समाज के सभी वर्गों का सम्मान, सुरक्षा, प्रगति के अवसर देने वाली समरसता की दृष्टि उनके प्रशासन का आधार रही। केवल अपने राज्य में ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण देश के मंदिरों की पूजन-व्यवस्था और उनके आर्थिक प्रबंधन पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया। इसी क्रम में रविवार को रायपुर से नाटकीय कलाकार आकर प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही देवी अहिल्या बाई के बारे में आज की पीढ़ी को जानकारी देते हुए उनके जीवन को विस्तार से बताया जा रहा है।





