
बिलासपुर। सुभाष चौक सरकंडा स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में शारदीय नवरात्र उत्सव हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक और श्रीराम, श्री सिद्धिविनायक, श्री महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती, राजराजेश्वरी और त्रिपुरसुंदरी देवी का पूजन और श्रृंगार किया जा रहा है। मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा है और श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। पीतांबरा पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश महाराज ने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी का विशेष पूजन और चन्द्रघण्टा रूप में श्रृंगार किया गया। वहीं चौथे दिन देवी कूष्मांडा की पूजा का विशेष महत्व है। उन्हें ब्रह्मांड की जननी और आदिशक्ति स्वरूप माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि सृष्टि की रचना देवी कूष्मांडा की मंद मुस्कान से हुई थी। वे आठ भुजाओं वाली सिंहवाहिनी देवी हैं, जिनके हाथों में विविध अस्त्र-शस्त्र और अमृत कलश विद्यमान रहते हैं। आचार्य डॉ. दिनेश महाराज ने कहा कि देवी कूष्मांडा की साधना से साधक का मन अनाहत चक्र में स्थित होता है, जो प्रेम, करुणा और शांति का केंद्र है। इस तरह उनकी उपासना से न केवल भौतिक लाभ मिलते हैं, बल्कि साधक आध्यात्मिक उन्नति की ओर भी अग्रसर होता है। नवरात्र के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार उमड़ रही है और शक्ति की साधना का यह पर्व आस्था का केंद्र बना हुआ है।


