
पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ में संत-महात्माओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों को लेकर जनमानस में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसे लेकर आप पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा है कि लोगों का कहना है कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो समाज में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।जनता का आरोप है कि कार्रवाई करना तो दूर, सरकार के किसी मंत्री ने इस मामले में एक बयान तक जारी नहीं किया। इससे आम लोगों में यह संदेश जा रहा है कि सरकार ऐसे विवादों पर मौन रहकर अप्रत्यक्ष रूप से उनका समर्थन कर रही है।विपक्ष ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। विपक्षी दलों का कहना है कि वर्तमान सरकार खुद समाज और जातियों में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है, ताकि जनता का ध्यान बेरोजगारी, महंगाई और विकास जैसे मूल मुद्दों से भटकाया जा सके।सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सरकार ऐसे मामलों में सख्त रुख नहीं अपनाती, तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।


