न्यायधानी बिलासपुर में जहां एक तरफ चेतना अभियान चलाकर अपराध पर नियंत्रण करने का प्रयास चल रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ बिलासपुर रेलवे प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जैसा कि त्योहारों का सीजन है। ऐसे में यात्रियों का आवागमन बड़ी संख्या में होता है। बावजूद इसके बिलासपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर बैग स्कैनर मशीन लंबे समय से गायब है। जिसकी पूछताछ करने वाला कोई नहीं है।

स्टेशनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में असामाजिक तत्वो का आवागमन भी होना आम बात है। इसके बाद भी स्टेशन में बैग स्कैनर मशीन नहीं है। लंबे समय से स्कैनर मशीन कबाड़ की तरह रेलवे सुरक्षा बल के पास पड़ी हुई है। एक तरफ जहां पुलिस प्रशासन अपराधों पर नियंत्रित करने में लगी है। तो वहीं दूसरी तरफ बिलासपुर रेलवे प्रशासन अपनी लापरवाही से बाज नहीं आ रही है।

जोन के सबसे बड़े बिलासपुर स्टेशन में सामान्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। जैसा देखा जाता है की बाकी शहरों में बैग स्कैनर को प्राथमिकता दी जाती है। बिना जांच के बैग स्टेशन के अंदर नहीं ले जाऐ जाते हैं। तो वहीं दूसरी तरफ इस महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रबंध के साथ बिलासपुर रेलवे प्रशासन खिलवाड़ कर रही है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन में लंबे समय से बैग स्क्रीनिंग मशीन गायब है। देखने वाली बात यह है कि आखिर कब रेलवे प्रशासन की आंख खुलती है।





