स्वीकृत नक्शे के विरुद्ध मकान बनने की वजह से पास की लगी हुई सड़क धसने की स्थिति में है।
सरकंडा अशोक नगर क्षेत्र में नगर निगम द्वारा स्वीकृत नक्शे के विरुद्ध मकान का निर्माण किया जा रहा है, जिस वजह से यहां सड़क धसने की स्थिति में है। इसकी शिकायत के बाद निगम द्वारा निर्माणकर्ता को नोटिस दिया गया है।

सरकंडा अशोकनगर क्षेत्र में गीतांजलि सिटी के पीछे वार्ड क्रमांक 57 हनुमान नगर, प्रथम हॉस्पिटल के पास राजेश्वरी देवी और जितेंद्र सिंह के मकान का निर्माण किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि उनके द्वारा यहां बेसमेंट के लिए खुदाई की जा रही है और यह खुदाई यहां से गुजर रही सीसी रोड के नीचे तक जा पहुंची है। अशोकनगर के पार्षद ओमप्रकाश पांडे ने बताया कि इसके चलते कभी भी बिजली का पोल गिर सकता है, तो वहीं अगर सीसी रोड के ऊपर से कोई वाहन गुजारा तो पुरी की पूरी रोड भसक सकती है, जिससे बड़ी जनहानि संभव है।

क्षेत्र के लोगों ने जब पार्षद से शिकायत की और पार्षद ने मौके पर जाकर शिकायत को सही पाया तो उन्होंने इसकी जानकारी जोन कमिश्नर, अपर आयुक्त से लेकर क्षेत्र के विधायक को भी दी। इसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और मकान बनाने वाले को नोटिस जारी किया गया है। मकान निर्माण कर्ता को नोटिस जारी कर तत्काल कार्य रोकने और सीसी सड़क का निर्माण स्वयं के खर्चे से करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि मौके पर नोटिस लेने के लिए भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं था। इसलिए कर्मचारियों ने मजदूरों को ही नोटिस थमा दिया। नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय लोगों ने बताया कि मकान बनाने वाला दबंग और रसूखदार है, इसीलिए नियम कायदे को ताक पर रखकर उसके द्वारा इस तरह का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को तकलीफ हो रही है।


लोगों ने यह भी संदेह जताया कि मुमकिन है कि नोटिस के बाद भी उस पर कोई प्रभाव न पड़े और यह निर्माण कार्य ऐसा ही चलता रहे, क्योंकि सार्वजनिक रूप से यह निर्माण कार्य किया जा रहा है और इसे लेकर अधिकारियों ने तब तक कोई कदम नहीं उठाया जब तक पार्षद ने शिकायत नहीं की। जेसीबी से खुदाई करने के दौरान खुदाई सड़क के नीचे तक जा पहुंची और सड़क के नीचे की मिट्टी निकल जाने से सड़क हवा में झूल रही है। जिस पर जरा सा दबाव पड़ते ही पूरी सड़क भसक सकती है, तो वहीं इससे बड़ी दुर्घटना और जनहानि की भी आशंका है, जिसे देखते हुए निगम ने नोटिस तो जारी कर दिया है लेकिन उसका पालन होगा या नहीं या फिर क्रियान्वयन में किस तरह से कराया जाएगा, यह देखने वाली बात होगी।



