सरकारी स्कूलों में सफाई कर्मचारियों ने भृत्य पद पर नियुक्त करने प्रधानमंत्री-मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे कर्मचारियों ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पिछले 14 वर्षों से 43,301 स्कूल सफाई कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत हैं, बिलासपुर जिले मे लगभग 1000 स्कूल सफाई कर्मचारी कार्यरत है। कई स्कूल सुबह 8:00 बजे लगती है, कई स्कूल सुबह 10:00 बजे लगती है और कई स्कूल, दोपहर 12:00 बजे लगती है। अलग-अलग पालियों में स्कूल लगने के कारण रोजी, मजदूरी के लिए अन्य जगह काम करने नहीं जा पाते हैं। जिसके कारण एक दिन की मजदूरी दर से वंचित हो जाते हैं। स्कूलों में काम के एवज में 2958 रुपए प्रतिमाह मानदेय भुगतान किया जाता है। इस महंगाई भरे दौर में इतने कम रुपए में परिवार का भरण पोषण नहीं कर पाते है। कर्ज के सहारे जीवन व्यतीत करना पड़ता है। हमारा काम स्कूलों में नाम मात्र के लिए 02 घंटे निर्धारित है। परंतु हमें स्कूलों में 02 घंटे से अधिक काम करना पड़ता है। जैसे की- साफ सफाई के अलावा पेड़ पौधों कीरेख देख करना, पानी डालना, बच्चों और शिक्षकों के लिए पानी उपलब्ध कराना, घंटी बजाना, और छुट्टी होने के बाद खिड़की, दरवाजा बंद कर ताला लगाना आदि काम करना पड़ता है।कर्मचारियों का कहना हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान के सपने को सकार करने के लिए तन-मन से निष्ठा पूर्वक काम को कर रहे हैं। इसलिए कर्मचारीयों को चपरासी भृत्य के पदो में नियुक्त करने मांग की हैं।


