
राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज चौपाटी को आखिरकार नगर निगम ने हटा दिया। मोतीबाग के सामने व्यंजन बेचने वाले व्यापारियों को पहले कांग्रेस सरकार में यहां विस्थापित किया गया था, लेकिन मौजूदा भाजपा विधायक राजेश मूरत लगातार इसका विरोध करते रहे और मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। सत्ता परिवर्तन के बाद निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चौपाटी हटाने का निर्णय ले लिया।नोटिस जारी होने के बाद भी व्यापारी देर रात तक दुकानों के सामने बैठे रहे, लेकिन आज सुबह तड़के करीब 5 बजे भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ निगम की टीम पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी।

इससे व्यापारियों में नाराजगी और बेचैनी बढ़ गई।कार्रवाई का कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और बुलडोजर के सामने लेटकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। मौके पर तनाव बढ़ने पर प्रदर्शनकारियों और निगम अमले के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस ने विकास उपाध्याय, आकाश तिवारी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।व्यापारियों का आरोप है कि इस कार्रवाई से 700 परिवारों की रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर चौपाटी शिफ्ट की जा रही है वह सुरक्षित नहीं है, और उस जमीन पर रेलवे प्रशासन ने भी अपना दावा करते हुए निर्माण रोकने का नोटिस जारी किया है, जिससे उनकी भविष्य की आजीविका और अधिक अनिश्चित हो गई है।


