संभाग के सबसे बड़े अस्पताल की अवस्था किसी से छुपी नहीं है। सिम्स में लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर डॉक्टरों की मनमानी सामने आ रही है। सिम्स में चिकित्सा सुविधा का हाल बदतर होता जा रहा है। आए दिन मरीजों के साथ लापरवाही बरती जा रही है। बिलासपुर सिम्स को मरीज के इलाज के लिए सर्व सुविधा युक्त सरकार द्वारा बनाया गया है। लेकिन यहां पर मरीजों का इलाज नहीं उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। रोजाना एक न एक केस ऐसा आता है जिसमें सिम्स के डॉक्टर की लापरवाही के कारण मरीज अपनी जान गवा बैठते हैं। ऐसा ही एक मामला फिर देखने को मिला एक युवती ने अपनी मां के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

युवती का कहना है कि हृदय संबंधित समस्या की वजह से में देर रात अपनी मां को यहां एडमिट की, डॉक्टरों द्वारा एंटीबायोटिक बोल के इंजेक्शन लगाया गया। जिसके बाद से यूरिन में खून आने लगा। डॉक्टर द्वारा पूछे जाने पर घुमा फिरा कर जवाब दिया गया और समस्या गंभीर बता कर रायपुर ले जाने की सलाह दे दी गई। युवती का कहना है कि सिम्स के डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से मेरी मां की हालत गंभीर हो गई। जिससे यह साफ समझ आ रहा है कि यहां के डॉक्टर अपनी मनमानी कर लोगों की जिंदगी के साथ खेल रहे हैं।



