
सिरगिट्टी स्थित रुचिका विहार में श्रद्धा और आस्था के साथ 9 दिवसीय श्री सोलापुरी माता पूजा की शुरुआत हुई पहले दिन राटा पूजा के साथ इस महाउत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। 22 मार्च रविवार को सिरगिट्टी गुरु गोविंद सिंह नगर से रत प्रारंभ हुई जो रुचिका विहार हरदी रोड माता के प्रांगण तक पहुंची इस दौरान श्रद्धा और भक्ति का समागम हर और नजर आया इस दौरान भक्तों ने माता का आशीर्वाद भी प्राप्त कियाअब प्रतिदिन माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी।

विशेष बात यह है कि हर दिन गीली हल्दी से माता की प्रतिमा बनाई जाती है और रात 9 बजे पूजा-अर्चना और आरती होती है।इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें बाल पुजारियों की विशेष भूमिका रहती है। इस बार अबीर बोस, साईं किरण, भूषण, मोक्ष और अक्षित को बाल पुजारी चुना गया है। ये सभी 10 दिनों तक उपवास रखकर केवल धोती पहनते हैं और शरीर पर हल्दी का लेप लगाकर देवी की सेवा करते हैं।

वे घर नहीं जाते और पूरे समय पूजा में लगे रहते हैं।सोलापुरी माता की पूजा की परंपरा पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से बिलासपुर आई है। मान्यता है कि सोलापुरी माता, देवी शीतला का ही रूप हैं जो गर्मी में फैलने वाली बीमारियों से रक्षा करती हैं।

यहां माता का श्रृंगार दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार किया जाता है—पट्टू साड़ी, मोगरे के फूलों के हार, आभूषण और विशेष मुकुट से मां को सजाया जाता है। इस आयोजन का समापन आने वाले रविवार को महाकुंभम पूजा के साथ होगा।




