गौ रक्षा के लिए महायज्ञ किया जा रहा है। इसमें भक्तों के साथ पंडितों द्वारा प्रतिदिन कुंड में आहूतियां अर्पित की जा रही हैं। साथ ही लोगों को गौ रक्षा के बारे में बताया जा रहा है। गौ कथा के साथ-साथ संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा सुनाई जा रही है। महायज्ञ 13 जुलाई तक चलेगा। सीपत रोड के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित यज्ञ और संगीतमय भागवत में शामिल होने बड़ी संख्या में दूर-दूर से भक्त पहुंच रहे हैं।

राष्ट्रीय गौ वंश सेवक संघ द्वारा 108 कुंडीय कामधेनु, लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ साइंस कॉलेज मैदान में चल रहा है। यज्ञ संरक्षक जूना अखाड़ा के महंत स्वामी ब्राह्मानंद गिरी महाराज हैं। राष्ट्रीय गौ वंश सेवक संघ के राष्ट्रीय संरक्षक श्रीचक्र महामेरू पीठाधिपति सच्चिदानंद तीर्थ महाराज हैं। गौ रक्षा के उद्देश्य से आयोजित यज्ञ और संगीत मय भागवत कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, बुधवार को कथावाचक ने भक्त प्रहलाद और हिरण्यकश्यप की कथा सुना कर भक्तों को भाव विभोर कर दिया।

यज्ञ संरक्षक जूना अखाड़ा के महंत स्वामी ब्राह्मानंद गिरी महाराज गौ रक्षा के उद्देश्य से भारत भ्रमण कर रहे हैं, और लोगों में गौमाता की रक्षा के प्रति जागरूकता भी ला रहे हैं, इस दौरान आयोजकों ने बताया कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने बड़ा महायज्ञ किया जा रहा है, इसमें प्रतिदिन यज्ञ के बाद शाम को संगीतमय भागवत कथा सुनाई जाती हैं।


पहले दिन बूढ़ी माई मंदिर चांटीडीह रामायण चौक से शोभायात्रा निकाली गई। समारोह स्थल पहुंचकर वेदी पूजन और मुख्य कुंड की अग्नि स्थापना की गई। पंचांग पूजन, अग्निमंथन, मुख्य कुंड तथा अन्य कुंड में स्थापना किया गया। इसके बाद भक्तों ने यज्ञ में आहुति डालना शुरू किया। यज्ञ में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से आचार्य, पंडित और भक्तों द्वारा गौ रक्षा के लिए 1500 आहुतियां अर्पित की जा रही हैं। यह 13 जुलाई तक चलेगा। इस दिन पूर्णाहुति होगी। फिर तारण कर ब्राह्मण विदाई दी जाएगी। अंत में संत सम्मेलन होगा। प्रतिदिन संगीतमय भागवत कथा सुनने लोग पहुच रहे हैं, जैसे ही संगीत की धुन बजती हैं स्रोता भाव विभोर होकर भक्ति में लीन हो जाते हैं।





