
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के डिप्टी सीसीएम कौशिक मित्रा यौन उत्पीड़न मामले में घिरने के बाद अब एक और गंभीर आरोप में फंस गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने तीन महीनों में 20 से 25 बार ड्यूटी पास का इस्तेमाल घर जाने जैसी निजी यात्राओं में किया। मामला सामने आते ही रेलवे विजिलेंस ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए जांच शुरू कर दी है।विजिलेंस जांच में मई से जुलाई के बीच जारी पास, यात्रा रिकॉर्ड और उपयोग की विस्तृत सूची की सूक्ष्म पड़ताल की गई। रिपोर्ट के अनुसार कई यात्राओं में किसी भी प्रकार का ड्यूटी असाइनमेंट दर्ज नहीं मिला। रेलवे नियमों के मुताबिक ड्यूटी पास सिर्फ आधिकारिक कार्य के लिए होता है, जबकि निजी यात्रा के लिए सुविधा पास जारी किए जाते हैं। ऐसे में ड्यूटी पास का निजी उपयोग अनुशासनहीनता ही नहीं, बल्कि बर्खास्तगी योग्य अपराध माना जाता है।सूत्रों के अनुसार विजिलेंस ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है और रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को सौंपने की तैयारी में है। अब प्रशासन पर निर्भर करेगा कि वह आरोपों की गंभीरता को देखते हुए क्या कार्रवाई तय करता है। यह भी जांच का हिस्सा है कि पास जारी होने से लेकर उसके उपयोग तक क्या किसी अन्य अधिकारी की मिलीभगत या लापरवाही रही।सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का यह मामला रेलवे की कार्यप्रणाली और अनुशासन व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब नज़रें रेलवे प्रशासन पर टिक गई हैं, जो विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी सीसीएम कौशिक मित्रा के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई कर सकता है।


