गुरु पूर्णिमा के मौके पर इस वर्ष विद्यालयों में साधु-संतों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। गुरु पूर्णिमा के मौके पर 21 जुलाई को अवकाश होने के कारण 22 जुलाई को यह आयोजन होगा। इसके अलावा गुरुजनों और शिक्षकों के लिए सम्मान समारोह भी रखे जाएंगे। यह कार्यक्रम एक दिवसीय होगा। शासकीय के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी आयोजन करने निर्देश दिए गए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय और एससीईआरटी के संचालक, सभी जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को इस बाबत खत लिखा गया है। इसमें गुरु पूर्णिमा के मौके पर आयोजित होने वाले समारोह के संदर्भ में भी दिशा- निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में प्रार्थना के बाद सरस्वती पूजन और गुरु पूजन रखा जाएगा। शिक्षकों से कहा गया है कि वे प्रार्थना के बाद छात्रों को गुरु पूर्णिमा का महत्व बताएं और गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रकाश डालें। शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा अपने-अपने गुरुओं से जुड़े संस्मरण इस दौरान साझा किए जाएंगे।

सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों तथा पूर्व छात्रों को भी बुलाने कहा है। यथासंभव आमजन को भी आमंत्रित करने निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों ने इस नई परंपरा को बहुत ही अच्छा बताया, उनका कहना है इससे सनातन धर्म का प्रचार भी होगा और विद्यार्थियों को गुरुकुल पद्धति की जानकारी मिलेगी, साधु-संतों के विचार से विद्यार्थियों को फायदा होगा और अपनी धर्म संस्कृति को अनुभवी से सुनने जानने मिलेगा।




