
बिलासपुर में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बॉक्सिंग रिंग में शराबखोरी और पार्टी के मामले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। खेल की पवित्र जगह पर हुई इस हरकत का स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया और गुरुवार को इस पर सुनवाई की।मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति कैडी गुरु की खंडपीठ ने रेलवे प्रशासन से कड़ा रुख अपनाते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश से शपथपत्र (हलफनामा) में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई से पहले विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश की जाए, जिसमें यह बताया जाए कि दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई या की जा रही है।यह मामला तब सामने आया जब समाचार माध्यम ने बॉक्सिंग रिंग में खेल अधिकारियों और कोचों द्वारा शराब पीते हुए जन्मदिन पार्टी मनाने की खबर प्रकाशित की। रिपोर्ट के अनुसार, रिंग को बार में बदल दिया गया था। जहां टेबल पर शराब, बीयर की बोतलें और स्नैक्स रखे गए थे। यहां तक कि खिलाड़ियों के अभ्यास के मैट का उपयोग टेबल की तरह किया गया।डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने भी स्वीकार किया कि बॉक्सिंग रिंग में शराब पीना सख्त वर्जित है और जांच की जाएगी। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि यह घटना खेल की पवित्रता और अनुशासन के खिलाफ है।अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी, जिसमें कोर्ट रेलवे से पूरी रिपोर्ट मांगेगा।


