सड़क पर हो रही दुर्घटनाओं के चलते गोवंशियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। एक बार फिर सिलपहरी बाईपास के पास ट्रक ने कई गौ वंश को मौत के घाट उतार दिया।

बरसात के इस मौसम में सूखे की तलाश में मवेशी विशेष कर गोवंश सड़क पर चले आते हैं। रात में यह नजर नहीं आते, वहीं कई बार लापरवाह वाहन चालक जानबूझकर भी दुर्घटना को अंजाम देते हैं। ऐसी ही एक दुर्घटना सिलपहरी बायपास नेशनल हाईवे पर मंगलवार तड़के हुई, जहां बछड़ा बछड़ी सहित कुल 9 गौवंश को ट्रक ने चपेट में ले लिया, जिससे एक गभिन गाय के पेट में ही उसका शिशु खत्म हो गया। साथ कई छोटे बड़े बछड़े बछड़ियों की भी मौत हुई है। लाख कोशिशो के बाद भी इस तरह की घटनाएं थम नहीं रही। हालांकि इस तरह की घटनाओं के बाद कई बार मामला संवेदनशील भी हो जाता है।

इस दुर्घटना के बाद गौ सेवक मौके पर पहुंची और पूरे सम्मान के साथ मृत गायों का अंतिम संस्कार किया।

हाल ही में कलेक्टर ने स्पष्ट किया था कि सड़क पर मौजूद मवेशियों को लेकर प्रशासन गंभीर है। हाई कोर्ट के निर्देश पर लगातार सचिव स्तर पर भी हर 15 दिन में बैठक लेकर निर्देशित किया जा रहा हैं। शहरी क्षेत्र में जहां नगर निगम सड़क पर मौजूद गोवंश को गौशाला पहुंच रही है तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल आयोजित कर गोपालको को अपनी गायों को इस मौसम में ना छोड़ने की हिदायत दी जा रही है, लेकिन यह सारी कार्यवाही फिलहाल कागजों में सिमटी नजर आ रही है। शहर में भी हर तरफ सड़क पर गाये मिल जाएगी। खासकर ओवर ब्रिज पर, और शहर से बाहर निकलते ही ऐसी कोई सड़क नहीं है जहां बड़ी संख्या में गायें सड़क पर मौजूद न हो, जिनके कारण रोज-रोज दुर्घटनाएं हो रही है और अधिकांश मामलों में गायों की ही मौत हो रही है। इसके लिए जहां वाहन चालक जिम्मेदार है तो वही उन गोपालको की भी जिम्मेदारी जरा भी कम नहीं है जो अपने स्वार्थ के लिए इन लाचार, बेबस गायों को सड़क पर जान गवाने के लिए छोड़ देते हैं।



