बिलासपुर के तालापारा में केवल हिंदू होने की वजह से एक युवक की कुछ मुस्लिम बदमाशों ने जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने बेहद मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज कर शातिर आरोपियों को मुचलका जमानत पर रिहा भी कर दिया, लेकिन रिहा होते ही बदमाशों ने एक बार फिर से भाजपा नेता को तलवार दिखाकर जान से मारने की धमकी दे दी। इसके बाद उनका जुलूस निकाला गया बिलासपुर के तालापारा क्षेत्र को मुस्लिम बाहुल्य इलाका बताया जाता है लेकिन शायद अब कुछ बदमाशो को यह लगने लगा है कि इस इलाके में हिंदुओं का प्रवेश वर्जित हो चुका है। 7 मई की रात बिल्हा छतौना क्षेत्र में रहने वाले जीवनदीप सिंह अपने किसी मित्र को अपनी कार से छोड़ने तालापारा गए थे। रात करीब 12:00 बजे जब वे मित्र को छोड़ रहे थे तो उनके कार की हेड लाइट ऑन थे, जो सामने सड़क पर मौजूद कुछ बदमाश किस्म के युवकों पर पड़ रहे थे। इतनी सी बात पर वे भड़क कर जब जीवनदीप सिंह के पास पहुंचे तो उनके गले में तुलसी की माला देखकर उन्हें पता चल गया कि जीवनदीप हिंदू है।

इस पर उन बदमाशों ने उनकी माला तोड़ते हुए कहा कि हिंदू होकर इस इलाके में घुसने की उसकी हिम्मत कैसे हुई। जैसे हिंदू होना कोई अपराध हो गया हो। इसी वजह से इन बदमाशों ने जीवनदीप की लात, घुसे, रॉड, बेसबॉल बैट आदि से जमकर पिटाई की। उसकी कार की चाबी छीन ली और उसके कार के शीशे तोड़ दिए। यह लोग तो उसे जान से ही मार देते कि तभी कुछ स्थानीय लोगों ने बीच बचाव किया। हालांकि जब यह बदमाश मारपीट कर रहे थे तो बड़ी संख्या में बदमाशों के स्व जाती लोग वहीं खड़े थे जिन्होंने उन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। हैरानी की बात यह है कि बिलासपुर कोई सीरिया नहीं है जहां केवल हिंदू के प्रवेश करने और उसके प्रतीक चिन्हों की वजह से उसकी इस बेरहमी से पिटाई की जाए।



इस जघन्य घटना के बाद भी पुलिस ने बेहद मामूली धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। बताया जाता है कि ये वो ही बदमाश है जिनका नवीन महादेव हत्या में भी हाथ था। उनके आकाओं ने इस बार भी उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, जिस वजह से उन्हें इतनी बड़ी घटना के बाद भी मुचलका जमानत पर कुछ ही घंटे में रिहा कर दिया गया। इससे इनके हौसले इस कदर बढ़ गए कि यह खुद को तुर्रम खान समझ बैठे और कुछ ही घंटे बाद स्थानीय भाजपा नेता धनंजय गोस्वामी को तलवार लेकर धमकाने पहुंच गए कि अगर ताला पारा क्षेत्र में रहकर उसने हिंदुत्व की बात की तो उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिये जाएंगे। इसकी शिकायत एक बार फिर से थेन में हुई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी बीड़ी खान, फैजल खान, राजा खान और साबिर खान को पकड़ा। यह सभी तालापारा तैयबा चौक के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनका जुलूस निकालकर इन्हें कोर्ट पहुंचाया।


यह गंभीर चिंता का विषय है कि बिलासपुर का कोई क्षेत्र इस कदर मुस्लिम बाहुल्य हो चुका है कि वहां हिंदुओं का प्रवेश भी अपराध माना जाने लगा है। भले ही इस घटना को चार लोगों ने अंजाम दिया है लेकिन उन्हें जिस तरह का समर्थन भीड़ से मिला है, यह परेशानी का सबब है। उससे भी बड़ी हैरानी यह है कि जिन लोगों ने जीवनदीप को मार मार कर अधमरा कर दिया, उसके पूरे शरीर पर जख्मों के निशान थे। आंख सूजी हुई थी, फिर भी पुलिस ने उनके साथ मारपीट करने वालों को कुछ घंटे में ही छोड़ दिया। ऐसे में अपराधियों पर भला पुलिस का खौफ कैसे होगा? यह तो राहत की खबर है कि अब आरोपियों के खिलाफ मारपीट और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ है और उन्हें इस बार जेल भेजा गया है। लेकिन जाहिर है जेल से छूटते ही यह बदमाश एक बार फिर से अपने इरादों को अमली जामा पहनाने लगेंगे, क्योंकि उनके मंसूबे बेहद खतरनाक है।



