आम जनता की रक्षा के लिए तैनात दो पुलिस के आरक्षकों का जेल रोड चौक के पास आपस मे लड़ाई करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि इस पूरे मामले में आरआई भूपेंद्र गुप्ता ने एक प्रतिवेदन तैयार कर दोषी आरक्षक विष्णु चंद्रा पर विभागीय कार्यवाही के लिए एसपी रजनेश सिंह को भेजा है। आरआई ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर रक्षित केंद्र के आरक्षक विष्णु चंद्रा ने रक्षित केंद्र के आरक्षक सुनील सिंह को फोन कर गाली गलौच करते हुए अपने पास जेल चौक के पास बुलाया और पुरानी रंजिश पर उसके साथ विवाद करते हुए मारपीट करने लगा। मारपीट के दौरान सुनील सिंह को गंभीर चोटें आई है।



इस मामले में आरआई ने विष्णु चंद्रा को दोषी मानते हुए उसपर निलंबिन की कार्यवाही करने के लिए प्रतिवेदन तैयार किया है। वहीं इस मामले में जब शहर के एएसपी उमेश कश्यप से जानकारी मांगी गई तो वे मीडिया को जवाब दिए बगैर ही मीडिया से बचकर अपने गाड़ी में बैठकर चलते बने। इस मामले के बाद पुलिस भी सवालों के कटघरे में है। शहरवासी कह रहे है कि अगर इसी तरह किसी आम आदमी का वीडियो वायरल होता तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही कर उसका बारात निकालकर उसे जेल भेज देती लेकिन जब बात विभाग की आई तो पुलिस के उच्चाधिकारी खामोश क्यों है।



