
बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस में हुई हथियार चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज़ 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। आईटीबीपी जवान के पिस्टल, काट्रिज और मोबाइल फोन की चोरी से सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े हो गए थे, लेकिन जीआरपी की चुस्त कार्यशैली ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।दरअसल 4 सितंबर को जवान हटिया-दुर्ग स्पेशल ट्रेन से सफर कर रहा था। इसी दौरान ट्रेन से उसका पिस्टल, मैगज़ीन में भरे कारतूस, मोबाइल और नकदी संदिग्ध तरीके से चोरी हो गए। हथियार गायब होने की खबर मिलते ही रेलवे पुलिस और जीआरपी में हड़कंप मच गया। क्योंकि मामला आम चोरी का नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला था।पुलिस ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष टीम गठित की और जांच की बागडोर अपने हाथ में ली।टीम ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज खंगाला और घटनास्थल के आसपास गहन पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपी की पहचान के साथ-साथ उसकी गतिविधियों पर भी नज़र रखी।ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।पुलिस ने उसके कब्जे से जवान का पिस्टल, काट्रिज, मोबाइल फोन और नगदी बरामद कर लिया है।पुलिस के अनुसार, अगर आरोपी को जल्द गिरफ्तार न किया जाता तो हथियार का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक वारदात में भी हो सकता था।बरामदगी के बाद पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि टीम ने चौबीसों घंटे लगातार मेहनत की। आईटीबीपी जवान को उसका पिस्टल और अन्य सामान वापस सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे में गश्त और सख्ती बढ़ाई जाएगी। फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस कामयाबी की सराहना की है। यात्रियों से भी अपील की गई है कि सफर के दौरान अपने सामान को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।इस कार्रवाई के बाद जीआरपी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।


