भारतमाला परियोजना के तहत बिलासपुर से उरगा बायपास के लिए किसानों से सैकड़ो एकड़ जमीन शासन ने अधिग्रहित तो कर लिया है, लेकिन उनके मुआवजे की राशि अब तक नही दी गई है।ऐसे में धुमा, ढेंका और दर्रीघट के सैकड़ो किसान जनप्रतिनिधियों और ऑफिसों के चक्कर लगाते थक हार गए है। किसानों का आरोप है कि सड़क निर्माण करने वाली ठेका कंपनियों बिना मुआवज़ा दिए ही उनके जमीनों से मिट्टी निकल रही है। जिसकी वजह से उनकी पूरी भूमि बंजर हो चुकी है। हालांकि किसानों ने कई मर्तबे जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की है।लेकिन उसके बाद भी सड़क निर्माण करने वाली ठेका कंपनियों का अड़ियल रवैया जारी है।


जिससे किसान परेशान है। किसानों को कहना की पिछले 7 वर्षों से उनकी जमीनों को शासन ने अधिग्रहण कर रखा है, ना तो उन्हें उसमें खेती करने दिया जा रहा है और ना ही मुआवजे की राशि ऐसे में उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। हालांकि प्रशासन हर बार किसानों के मुआवाज़े राशि देने की बात कहता है लेकिन पिछले 7 साल से केवल उन्हें आश्वाशन ही मिल रहा है।






