दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस वर्ष भारतीय रेलवे में सर्वाधिक 136.25 किलोमीटर के ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम की कमीशनिंग किया।

ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस वर्ष भारतीय रेलवे में सर्वाधिक 136.25 किलोमीटर के ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम की कमीशनिंग किया है। इस प्रकार अब तक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का कुल 460 किलोमीटर का सेक्शन ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस हो गया है। एसईसीआर में पूर्व में 333 किलोमीटर तक ऑटोमोटिक सिग्नल प्रणाली के तहत विद्युतीकरण का काम किया गया था, तो वहीं विगत वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 136.25 किलोमीटर ऑटो सिग्नलिग सिस्टम का कार्य पूर्ण किया गया है। जिसमें जयराम नगर-अकलतरा 34 किमी, उरगा-गेवरा रोड 16.25 किमी, दुर्ग-कुम्हारी 54 किमी, धनोली-गुदमा 18 कि.मी. सालवा-कामठी 11 कि.मी. और बिलासपुर कार्ड केबिन-उसलापुर 3 कि.मी. रेल लाइन शामिल है।

इस प्रकार वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का 460 किलोमीटर सेक्शन ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम से लैस है। ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लागू हो जाने से एक ब्लॉक सेक्शन में एक ही रूट पर एक से अधिक ट्रेनें चल सकती है। इससे रेल लाइनों पर ट्रेनों की रफ्तार के साथ ही संख्या भी बढ़ गई है। वहीं कहीं भी खड़ी ट्रेन को उसके आगे चल रही दूसरी ट्रेन के अगले स्टेशन तक पहुंचने का भी इंतजार नहीं करना पड़ता है। स्टेशन यार्ड से ट्रेन के आगे बढ़ते ही ग्रीन सिग्नल मिल जाता है, यानि कि एक ब्लॉक सेक्शन में दो से अधिक ट्रेन आसानी से चल सकती है। इसके साथ ही ट्रेनों के लोकेशन की जानकारी भी मिलती रहेगी। इसी के साथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।

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