न्यायधानी की चुनावी राजनीति में सोमवार को बड़ा मोड़ देखने में आया। कांग्रेस के नेता विष्णु यादव ने नामांकन पर्चा खरीदा। विष्णु ने कहा कि कांग्रेस ने जिसे प्रत्याशी घोषित किया है वह बिलासपुर के लिए बाहरी है। यादव ने यह भी कहा कि टिकट वितरण में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अन्याय किया हैं।

लोकसभा चुनाव के लिए बिलासपुर में नामांकन की प्रक्रिया जारी है। इस बीच कई उलट फेर भी देखे जा रहे हैं। कांग्रेस में लगातार बगावत के मामले भी सामने आ रहे हैं। पहले ही दिन चंद्र प्रदीप बाजपेई ने पर्चा खरीदा था। सोमवार को फार्म लेने कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसी विष्णु यादव ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि यदि पार्टी उन्हें बी फॉर्म नहीं देती तो आगे की रणनीति तय की जाएगी, इससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में पार्टी के प्रति जो आक्रोश है वह सतह पर आ गई है, इससे लोकसभा चुनाव में पार्टी को बड़ी मुश्किल हो सकती है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विष्णु यादव के बातों से बगावत की झलक दिखाई दे रही है। यदि उन्हें टिकट नहीं दिया जाता तो हो सकता है वे दूसरी पार्टी या निर्दलीय रूप से चुनाव लड़े।

यहां बता दें कि विष्णु का नाम प्रदेश से अनुशंसित पैनल में था। लेकिन दिल्ली में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और सचिव चंदन यादव की सिफारिश पर देवेंद्र को बी फार्म दिया गया था। उसके बाद से देवेंद्र बिलासपुर में प्रचार अभियान शुरू कर चुके हैं और आज विष्णु ने भी पर्चा खरीदा। वो अगर मान मनौव्वल में पर्चा वापस नहीं लेते हैं तो कांग्रेस के लिए मुश्किल बढ़ जाएगी। विष्णु बिलासपुर के मूल निवासी है जबकि देवेंद्र भिलाई के हैं। विष्णु, छत्तीसगढ़ी यादव और देवेंद्र बिहार मूल के हैं।


