राम नवमी 17 अप्रैल को है इस दिन वेंकटेश मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी इसकी तैयारी एक महीने से चल रही है। इस विषय पर वेंकटेश मंदिर मे बैठक रखी गयी। समाज, भजन कीर्तन, मानस मंडलियों, वाहन माली रंगरोगन समिति की बैठककर निर्णय लिए जा रहे हैं।



शोभायात्रा का यह 51वा. साल है। भगवान श्री राम इस साल अपने मंदिर में विराजमान हुए हैं इसलिए इस शोभायात्रा को हर साल की अपेक्षा अधिक भव्य बनाने में मंदिर समिति लगी हुई हैं। वेंकटेश मंदिर के महंत डॉक्टर कौशलेंद्र ने बताया कि भगवान इस साल अपने मंदिर में विराजमान हुए हैं इसलिए वे अभी बाल्यावस्था में है ऐसे में शोभायात्रा में भी भगवान को इस बार गुलाबी वस्त्र पहनाया जा रहा है शोभायात्रा में इस बार 51 से अधिक झांकियां रहेगी भगवान श्री राम हनुमान सहित सभी झांकियां की सजावट के लिए रजनीगंधा गुलाब गेंदा कमल सभी अन्य फुल लगभग 5 क्विंटल फूल ऑर्डर माली को दे दी गई है भगवान का आसान सिंहासन धनुष बाण मुकुट वस्त्र आदि तैयार कर लिया गया है ।पंजीरी का प्रसाद तय हो गया है बूंदी सहित अन्य प्रसाद तैयार हो रहे हैं।




वेंकटेश मंदिर से शाम 4:00 बजे शोभायात्रा निकलेगी भगवान हनुमान शोभा यात्रा की अगुवाई करेंगे इसके साथ शोभायात्रा में श्री राम दरबार शबरी के राम अयोध्या के राम गोस्वामी तुलसीदास वेंकटेश भगवान श्री रामचरितमानस भगवा मंदिर रामेश्वरम शिवलिंग मंदिर अन्य झांकियां शामिल रहेंगी शोभा यात्रा रात 9:00 बजे मंदिर पहुंचेगी यहां भगवान की महाआरती और शयन आरती एक साथ होगी डॉक्टर कौशलेंद्र ने बताया कि इस बार अष्टमी और नवमी दोनों दिन शहर के 27 चौक चौराहों पर दीपक जलाए जाएंगे इसके लिए सभी को जिम्मेदारी बाटी जा रहीं हैं साथ ही लोगों को अपने-अपने घरों में कम से कम पांच पांच दीप जलाने की अपील की गई है डॉक्टर कौशलेंद्र ने बताया कि दीप जलाने के लिए अगर उनके पास व्यवस्था नहीं है तो वह मंदिर से तेल और बाती ले जा सकते हैं।




डॉक्टर कौशलेंद्र ने बताया कि नवसंवत्सर को गौ संरक्षण वर्ष घोषित किया गया है पूरे साल गौ माता के बचने का अभियान चलाया जाएगा इसलिए इस शोभायात्रा में गौ माता की भी झांकी शामिल की जा रही है उन्होंने बताया कि हर झांकी के दो-दो प्रभारी बनाए गए हैं उन्होंने बताया की शोभायात्रा में उड़ीसा कवर्धा बेमेतरा समेत अन्य जगहों के नर्तक दल धुमाल डीजे शामिल होंगे।


