महा सप्तमी की रात हर वर्ष की भांति इस बार भी पदयात्रियों का जत्था बिलासपुर से रतनपुर के लिए रवाना हुआ। शाम ढलते ही यहां मां महामाया के कालरात्रि स्वरूप के दर्शन के लिए पदयात्री पैदल ही रतनपुर की ओर निकल पड़े, जिसके लिए यातायात विभाग ने भी भारी वाहनों का रूट बदल दिया था। वहीं इन यात्रियों के वापस आने के लिए बस की भी व्यवस्था की गई थी। सोमवार महा सप्तमी पर बिलासपुर से बड़ी संख्या में पदयात्री पूरी रात पदयात्रा करते हुए रतनपुर दर्शन के लिए पहुंचे।


उनकी सेवा के लिए जगह-जगह स्टाल लगाए गए थे। रतनपुर महामाया मंदिर में लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने पूरी रात कतार में लग कर देवी के दर्शन किए। कालरात्रि पर मंदिर के कपाट पूरी रात खुले रहे । पूरे रास्ते भर जय माता दी और महामाया माई की जय के उद्घोष गूंजते रहे। इन पद यात्रियों की सेवा के लिए मंदिर ट्रस्ट ने भी कई विशेष व्यवस्था की थी, तो वही मां महामाया के दर्शन कर श्रद्धालु अभिभूत नजर आए।




