न्यायधानी की सड़कें दिखने में भले ही चकाचक लग रही हैं, लेकिन भीतर से ये खोखला है। ये हम नहीं ताजा-ताजा गड्ढे खुद बयान कर रहे हैं। सड़कों पर गुजरने वालों को मानों मौत निमंत्रण दे रही है। इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। निगम की ऐसी सड़कें जिसमें गड्ढे हैं उनकी मरम्मत जरूरी है। हादसा होने के बाद भी इस ओर न तो नगर निगम का ध्यान है और न ही लोक निर्माण विभाग का। व्यापार विहार से रेलवे स्टेशन जाने वाली मार्ग में आज एक बड़ी दुर्घटना होते होते बच गई।



सड़क के निर्माण कार्य नहीं होने के कारण और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण 16 पहिया वाहन गड्ढे में जा गिरी, हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन यह एक बड़ी घटना का संकेत नजर आ रहा है। जिला प्रशासन भी नागरिकों की समस्या से अनभिज्ञ है। सड़कों को लेकर एक साल पहले भी उच्च न्यायालय नगर निगम को फटकार तक लगा चुका है ताकि एक बार फिर शहर की सड़क के होने वाले डामरीकरण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। शहर के अधिकांश मुख्य मार्गो की हालत कुछ ऐसी ही है मानो जैसे घटना को नेवता दे रही है।





