जिले में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आया है। प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा ने नियमों को ताक पर रखते हुए संकुल समन्वयक बना दिया है। इसका उन्होंने लिखित आदेश जारी किया है, जबकि नियमानुसार कलेक्टर के अनुमोदन के बाद डीएमसी सीएसी नियुक्ति का अधिकार है। इस मामले की चुनाव आयोग के पास लिखित शिकायत की गई है।

लोकसभा चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता पिछले 16 मार्च से लागू हो गयी है। इस दौरान किसी भी तरह की नियुक्ति का अधिकार किसी के पास नहीं रहता। इसके बाद भी प्रभारी बीइओ बिल्हा ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भाड़ी में पदस्थ शिक्षक एलबी अखिलेश कुमार जोशी को संकुल समन्वयक के दायित्व का निर्वहन करने का आदेश जारी किया है। प्रभारी बीइओ द्वारा जारी लिखित आदेश में संकुल केंद्र भाडी में उच्च कार्यालय से आदेश प्राप्त होने तक संकुल समन्वयक के कार्य का निर्देश दिया गया है। जो पूरी तरह से गलत है, एक तो वर्तमान में चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू है ऐसे में किसी की नियुक्ति नहीं हो सकती है।


आचार संहिता नहीं होने पर बीइओ को सीएसी बनाने का अधिकार नहीं है। उक्त कार्य कलेक्टर के पास फाइल भेज कर अनुमोदन लेना होता है, उसके बाद डीएमसी द्वारा उनकी नियुक्ति की जाती है। जो एक प्रक्रिया है, इस मामले की छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग के पास लिखित में शिकायत भेजी गई है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।


