बारह खोली चौक स्टेशन रोड बंगला यार्ड में विगत 10 दिनों से श्री सोलापुरी माता पूजा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा था, यहां दक्षिण भारतीय शैली में देवी के विविध स्वरूपों की स्थापना कर उनकी पूजा अर्चना की गई। आयोजन के अंतिम दिन रविवार को देवी को महाकुंभम का महा भोग अर्पित किया गया। सोलापुरी माता पूजा में देवी के अलग-अलग स्वरूप को प्रतिदिन विविध प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं लेकिन श्रद्धालुओं को लगता है कि मेहमान के रूप में घर आई माता को अल्प अल्प प्राप्त भोग से वह पूर्ण संतुष्ट नहीं हुई, इसलिए उन्हें अंतिम दिन महाकुंभम के रूप में महाभोग लगाया जाता है। इस रविवार को देवी को महा कुंभम का भोग अर्पित किया गया । इससे पहले न्यू बाबू लाइन कॉलोनी स्थित जीषणमुख राव के निवास से मधुसूदन राव और वी मोहिनी के सौजन्य से महाकुंभम शोभायात्रा निकाली गयी, जिसमें महिलाएं थाल में विशालकाय आकार के व्यंजन लेकर गाजे बाजे और आतिशबाजी के साथ पूजा पंडाल पहुंची, जहां पुजारी पार्थ सारथी ने देवी के समक्ष आसन लगाकर उन्हें यही महाभोग अर्पित किया। देवी के सामने आसन में दो क्विंटल से अधिक चावल की ढेर लगाई गई, जिसमें विविध प्रकार के दक्षिण भारतीय व्यंजन मिश्रित कर ढेर में कपूर प्रज्वलित की गई, तो वहीं यजमान परिवार द्वारा विधिवत पूजा कर यह भोग देवी को अर्पित किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जो इस पल के साक्षी बने। सभी ने बताया कि पिछले 10 दिनों से आयोजन का हिस्सा बनने के बाद अब देवी की विदाई से सब का मन व्यथित है।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी देवी को महाकुंभम का भोग अर्पित करने के बाद यहां समिति द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें शामिल होकर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। रविवार शाम को ही पूजा पंडाल से वापसी शोभायात्रा निकली। देवी को लेकर आयोजन समिति और बाल पुजारी उसी मार्ग से वापस त्रिपुर सुंदरी मरी माई मंदिर लौटें, जिस मार्ग से देवी आई थी। देवी को एक बार फिर से उसी भांति विदाई दी गयी। देर रात त्रिपुर सुंदरी मां मरी माई मंदिर में देवी का प्रतीकात्मक विसर्जन किया गया।


