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तारबाहर क्षेत्र में अमृत मिशन का पानी पीने से साढ़े चार दर्जन से अधिक लोग बीमार, जिला अस्पताल, सिम्स और निजी अस्पतालों में उल्टी, दस्त और पीलिया के मरीज भर्ती।

तारबाहर क्षेत्र में अमृत मिशन का पानी पीने से साढ़े चार दर्जन से अधिक लोग बीमार हो गए है। जिला अस्पताल, सिम्स और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों में किसी को उल्टी दस्त, पीलिया है तो कोई लिवर इंफेक्शन से जूझ रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने घर घर सर्वे कर निःशुल्क दवा उपलब्ध कराई। वहीं अब तक नगर निगम इससे अनजान है।

हर साल की तरह एक बार फिर से तारबाहर क्षेत्र में अमृत मिशन का दूषित पानी पीने से तकरीबन साढ़े चार दर्जन से अधिक लोग बीमार हो गए है। आलम यह है कि पिछले कुछ दिनों से बच्चों से लेकर बुजुर्गों का सिम्स, जिला अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालो में इलाज चल रहा है। गौर करने वाली बात ये है कि समस्या लबे समय से निर्मित है। तारबाहर क्षेत्र के लोग बार बार बीमार पड़ रहे हैं लेकिन अबतक ना तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया ना ही नगर निगम और ना ही जल विभाग ने इस ओर ध्यान दिया है। इसी तरह मंगलवार और बुधवार को भी क्षेत्र से 15 से अधिक उल्टी दस्त औऱ पीलिया के मरीजों की पुष्टि हुई है। सूचना पाकर बुधवार को तारबाहर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मितानिनों के साथ मिलकर घर घर सर्वे कर मरीजों का चिन्हांकन कर उन्हें निःशुल्क दवा उपलब्ध करायी। वहीं पानी मे क्लोरीन मिलाकर पीने और गर्म, स्वच्छ भोजन सेवन करने के हिदायत दिए गए।

क्षेत्रवासियों ने बताया कि खूंटाघाट डेम से पानी की सप्लाई होने के बाद से लोग बीमार होने लगे हैं।इस बार गर्मी की शुरूआत में ही तारबाहर क्षेत्र से पानी पीने से बीमार हो जाने का मामला उजागर हो गया है। बीते एक सप्ताह में बच्चों से लेकर बुजुर्ग मिलाकर 60 से 70 लोग बीमार हुए हैं। जिन्हें उल्टी, दस्त और पीलिया की समस्या भी हुई है। इसके बाद इलाज के लिए पीड़ित अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने भी प्रारंभिक जांच में दूषित पानी पीने की वजह से बीमार होने की आशंका जताई। इतना ही नही तारबाहर सामुदायिक भवन के पास बने नए पानी टँकी के नीचे कई दिनों से चौबीसों घण्टे पानी का फव्वारा बह रहा है। बावजूद इसके जानकारी के बावजूद अबतक इस ओर किसी ने कोई पहल नही की।

तारबाहर क्षेत्र में हर साल बारिश और गर्मी के मौसम में डायरिया के मामले सामने आते है। इसमें दूषित पानी का सेवन करना ही बीमार पड़ने का मुख्य वजह बनता है। दो साल पहले ही क्षेत्र में डायरिया से पीड़ित एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी क्षेत्र में पानी की सही तरीके से जांच करने और साफ पानी मुहैया कराने के काम में नगर निगम पीछे है। इसी वजह से समय-समय पर यहां से डायरिया के मरीज मिलते रहते है। हालांकि इस बार चुनावी माहौल है, जिला प्रशासन की ओर से लगातार स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। ऐसे में ठीक लोकसभा चुनाव के पहले जिस तरह से तारबाहर क्षेत्र में उल्टी, दस्त औऱ पीलिया ने पांव पसारा है यह एक गम्भीर विषय है। जरूरत है प्रशासन को इस ओर जल्द से जल्द ध्यान देकर क्षेत्र में बनी समस्या को दूर करने की।

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